मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है पुलिस को कई अहम जानकारियां मिल रही हैं। धीरे-धीरे इस केस की परतें खुलकर सामने आ रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुताबिक रणदीप मलिक ने रेहान का संपर्क अनिल पंडित से करवाया था। आरोपी कुणाल भी रणदीप के माध्यम से ही पंडित के संपर्क में आया।
अभिनेताओं के घरों की तस्वीर भेजी
इतना ही नहीं मुंबई में रेकी करने वाले आरोपियों ने अनिल पंडित और रणदीप मलिक को अभिनेताओं के घरों की तस्वीर भी भेजी थी। इस तस्वीरों में टाइगर श्रॉफ का फुटबॉल ग्राउंड और जुहू तथा बांद्रा की कई लोकेशन शामिल है।
कहां हथियारों की प्रैक्टिस का दिया सुझाव
गोलीबारी को अंजाम देने से पहले बंदूक की प्रैक्टिस और जांच जरूरी थी, इसके लिए आरोपी ऋतिक ने आरे कॉलोनी के जंगलों का सुझाव दिया। मुंबई में लंबे समय तक रैपीडो चालक का काम करने की वजह से उसे आरे कॉलोनी का इलाका अच्छी तरीके से पता चल गया था।
28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा
बता दें कि टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में हरियाणा से गिरफ्तार तीन लोगों को शुक्रवार को मुंबई की एक अदालत ने 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। जांचकर्ताओं ने इलाके का टोह लेने और हथियारों की आपूर्ति में उनकी अहम भूमिका का हवाला दिया। अंकित उर्फ सरपंच राजेश खटक (18), समीर खत्री (19) और जतिन पांचाल को (27) को 21 अक्टूबर को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया गया था और उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया गया था। पुलिस ने उन्हें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डी एस खेडकर के समक्ष पेश किया और मामले में विस्तृत जांच के लिए उनकी हिरासत का अनुरोध किया। पुलिस के अनुसार, तीनों साजिश के विभिन्न पहलुओं में शामिल थे, जिनमें साजो-सामान की व्यवस्था करना, धन का लेनदेन और हथियारों की खरीद शामिल है।
अनिल पंडित ने ली थी हमले की जिम्मेदारी
पुलिस ने बताया कि खटक मुख्य हमलावरों के साथ लक्षित व्यक्ति के ठिकानों की ''टोह लेने'' और साजिश रचने में मदद करने के लिए गया था। पुलिस के मुताबिक, जांच में पता चला कि वह वांछित मुख्य आरोपी अनिल पंडित के सीधे संपर्क में था। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से कथित तौर पर जुड़े और अमेरिका में रह रहे 32-वर्षीय अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिये 18 अक्टूबर को अभिनेता पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस ने बताया कि खटक, खत्री और पांचाल ने पहले गिरफ्तार किए गए लोगों के साथ मिलकर टाइगर श्रॉफ की हत्या के इरादे से उनपर नजर रखी थी। पुलिस के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल किए गए कारतूस और आग्नेयास्त्र खत्री और पांचाल ने मुहैया कराए थे। जांचकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने फरार होने के लिए एक मोटरसाइकिल मुहैया कराई थी।
आरोपियों को विदेश भगाने का था प्लान
जांचकर्ताओं ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद उन्होंने संबंधित सबूत नष्ट करने की साजिश रची और आरोपियों के विदेश भागने का इंतजाम करने की योजना भी बनाई। पुलिस ने कहा कि वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद करने के लिए आरोपियों से हिरासत में पूछताछ करना जरूरी है। पुलिस ने अदालत से कहा कि यह जांच करना आवश्यक है कि मुंबई में घातक हथियार लाने और उनकी तस्करी में किसने आरोपियों की मदद की, इसके लिए किन रास्तों और वाहनों का इस्तेमाल किया गया तथा उन्हें स्थानीय स्तर पर किसने सहायता दी। पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से हरियाणा और अन्य राज्यों के निवासी हैं और अपराध की जांच के सिलसिले में इन राज्यों में जाना भी जरूरी है। पुलिस ने आरोपियों की हिरासत का अनुरोध करते हुए कहा कि गोलीबारी की घटना संगठित अपराध की प्रकृति की है, इसलिए यह जांच करना आवश्यक है कि क्या गिरफ्तार आरोपियों का किसी अन्य संगठित अपराध गिरोह से कोई संबंध है।
18 अक्टूबर को हुआ था टाइगर श्रॉफ पर हमला
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों को 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। मुंबई के जुहू इलाके में 18 अक्टूबर की शाम कम से कम दो लोगों ने श्रॉफ की कार पर गोलियां चलाईं और फिर मोटरसाइकिल से फरार हो गए। अभिनेता इस घटना में बाल-बाल बच गए थे, जबकि उनके चालक और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया था। मुंबई पुलिस के मुताबिक, कार पर पांच से छह गोलियां चलाई गई थीं। हमलावरों द्वारा कथित तौर पर इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल अंधेरी में लावारिस मिली थी। इस मामले में अब तक दस लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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